आँखें मूँदे कबूतर : यौनिकता की अभिव्यक्ति
गुलाटी, निधि (2018) आँखें मूँदे कबूतर : यौनिकता की अभिव्यक्ति. Paathshaala Bhitar aur Bahar, 1 (1). pp. 43-55.
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Abstract
यौनि कता की अभि व्यक्ति काफी जटि ल मसला है। निध ि गुलाटी का लेख हाल ही में स्कूलों में घटित कुछ वाकयों का वि वरण देते हुए बच्चों की यौनि कता के मसले पर चर्चा करता है। लेख यह सवाल उठाता है कि क्या हर यौन अभि व्यक्ति को शोषण या नैतिकता का हनन समझा जाए या फि र यह मानवीय वि कास का एक पहलू भी है। लेख इतिहास की पड़ताल करते हुए बचपन की अवधारणा में हुए परि वर्त न, यौनि कता की अभि व्यक्ति और वि कासात्मक पहलुओं में सम्बन्ध की भी पड़ताल करता है। साथ ही यह रेखांकित करता है कि शिक्ष क शिक्षा में इस मसले पर कोई वि मर्श नहीं है और यह भी कि शिक्ष कों को यह समझ बनानी होगी कि वे पहले बच्चों की क्रियाओं व बातों को पूरी तरह समझें और फि र उस घटना के निहित ार्थ को समझें और तय करें कि कि सी ऐसी घटना के पीछे मुद्दा कित ना गम्भी र है। कहाँ कुछ कदम लेने की ज़रुरत है और कहाँ यह सिर्फ वि कासात्मक परि वर्त न की अभि व्यक्ति है। सं.
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | गुलाटी, निधि |
| Document Language: | Language Hindi |
| Uncontrolled Keywords: | Teacher and education, Harassment, Sexuality, Sexuality in India |
| Subjects: | Social sciences > Education > Teacher education |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/2201 |
| Publisher URL: |
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